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डाइट में बदलाव है जरूरी

क्या है हैल्दी डाइट

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हैल्दी डाइट से मतलब ऐसी डाइट है से जिसमे प्रोटीन ,विटामिन , मिनरल, आयरन, कैल्शियम, कार्बोहाइड्रेट्स, फैट्स सभी पौष्टिक तत्व शामिल हो | क्योकि अगर खाने में प्रोटीन का अभाव होगा तो हमे ऊर्जा नहीं मिल पायेगी , साथ ही जल्दी जल्दी संक्रमित होने के चान्सेस भी रहते है | वही कैल्शियम मसल्स के फंक्शन के लिए तो जरुरी होता ही है साथ है यह मेटाबोलिज्म के लिए भी सहायक होता है| वही कार्बोहाइड्रेट्स व फैट्स ऊर्जा प्रदान करने के साथ साथ हेल्दी सेल्स के निर्माण का कार्य करते है |

बता दे की आयरन शरीर के लिए बहुत जरुरी होता है | यह पुरे शरीर में ऑक्सीजन को पहुंचाने का काम करता है |
WHO के अनुसार , छोटी उम्र से ही क्रोनिक डिजीज जैसे डायबिटीज और उच्च रक्तचाप की शिकायत होने की एक मुख्य वजह असंतुलित आहार है |

फ़ास्ट नहीं आराम से खाएं

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अगर हम किसी भी चीज़ को तुरंत बदलना चाहे तो नहीं बदल सकते, इसके लिए हमे धीरे धीरे अपनी पुरानी आदतों को बदलने की जरुरत होती है | बहुत से लोगो की यह आदत होती है की उनके सामने खाना आया नहीं की वे झट से खा लेते है | और इस बीच दुबारा भूख लगने पर दोबारा फरमाइश आ जाती है | ऐसा इसलिए होता है क्योकि आप को कितना खाना है और आप को कितना खाना खाना है और आपका पेट भरा है या नहीं यह सब हॉर्मोन्स कंट्रोल करते है | ये हॉर्मोन्स ब्रेन को संकेत देते है की पेट खाली है या फुल | लेकिन जब ऐसा नहीं हो पाता तो ओवर ईटिंग होती है |
अनेक शोधो में यह साबित किया गया है की तेज़ स्पीड से खाना खाने वालो में मोटापा की समस्या देखी जाती है |

टी-कॉफ़ी की जगह हो जाये छाछ

ऐसे तो ज्यादातर लोग चाय कॉफ़ी को थकान दूर करने के लिए पीते है ,मगर फिर हम इसे अपनी आदत में शामिल कर लेते है और फिर जब भी मन करता है यही पीना पसंद करते है | जब की इसके अधिक सेवन से नींद में दिक्कत , जलन जैसी समस्याएं भी हो सकती है|
लेकिन अगर आप टी , कॉफ़ी की जगह छाछ का विकल्प चुने , तो यह सिर्फ हेल्दी ऑप्शन होता है बल्कि आप के शरीर के पानी की जरूरतों को भी पूरा करने का काम करता है , क्योकि छाछ में 90 परसेंट पानी जो होता है |

 

ट्राई करे नई रेसिपी

अगर हम खुद को और अपने परिवार को हेल्दी रखना चाहते है तो उन की अनहैल्दी ईटिंग हैबिट्स को हैल्दी ईटिंग हैबिट्स में बदलना होगा | और इसकी हुरुआत आप कुछ अलग करके कर सकती

है | जैसे रोज़ रोज़ एक ही रेसिपीज को बनाने से बेहतर होगा की आप हफ्ते में 1-2 बार

कुछ अलग हेअल्थी रेसिपीज बनाये जैसे अंडे का चीला , मिक्स वेज परांठा आदि |

 

फ्रूट जूस की जगह फ्रूट्स

कुछ लोगो को फ्रूट्स खाने से ज्यादा फ्रूट जूस पीना ज्यादा पसंद

होता है , भले ही वही में निकला गया हो या बाहर निकला हुआ| लेकिन यह एक हेल्दी ऑप्शन नहीं है | क्युकी जहा हम एक फ्रूट खा कर संतुष्ट हो जाते है वही

जूस की फॉर्म में हम उसी फ्रूट को कही ज्यादा लेते है | जूस पीने से फाइबर की मात्रा भी घटती है और शुगर लेवल भी बढ़ता है, क्योकि यह बहुत जल्दी डाइजेस्ट हो जाता है |

 

साबुत अनाज है सेहत का राज़

 

कई शोधो में यह साबित हुआ है की जो लोग साबुत अनाज , दालों व साबुत अनाज से बनी चीज़ो का सेवन करते है उन्हें डायबिटीज , हार्ट प्रॉब्लम , ब्लड प्रेशर की शिकायत काम होती है | यहाँ तक की साबुत अनाज वजन काम करने में भी सक्षम है , क्योकि ये फाइबर से भरपूर जो होते है | यहाँ तक की यह आंतो के सूजन को भी काम करता है |

 

सब्ज़ियों का सूप

अक्सर हमे बीच बीच में भूख लगती रहती है ऐसे में हम अपनी भूख को शांत करने के लिए कभी चिप्स या कुछ बाहर का खा लेते है तो कभी बिस्कुट या फ्राइड चीज़े |
ये सब भले ही हमारी भूख को शांत कर दे , लेकिन इन से हमारे शरीर को कोई फायदा नहीं पहुँचता | लेकिन अगर आप अपनी भूख को शांत करने के लिए सब्ज़ियों का सूप ले, जो विटामिन , कैल्शियम , पोटाशियम से युक्त होने के कारण आप की इम्युनिटी को बढ़ाने का काम करता है |

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